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दिमाग के कमजोर होने के लक्षण है यह शरीरिक बदलाव ,इस दिमागी बीमारी के है लक्षण

कभी कभार कुछ चीजों को भूलना हर आयु वर्ग के लिए सामान्य बात माना जाता है,बटुए या कार की चाबियां रखकर भूल जाना या फिर बहुत दिनों बाद मिलने वाले किसी साथी का नाम बहुत बार याद करने पर भी याद नहीं आना, क्योकि हमारा दिमाग दिन भर की कई साड़ी गतिविधियों को मैनेज करने में व्यस्त रहता है कि कभी-कभी छोटी-छोटी बातों को याद रखने में दिक्कत महसूस हो सकती है , परन्तु यह समस्या तब और ज्यादा गंभीर हो जाती है, जब रोजाना की गतिविधियों के संचालन में दिक्कत महसूस होने लगती है।


कई बार उम्र के साथ व्यक्ति में मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है, जिसे डिमेंशिया कहते हैं, जिसके अनुसार दिमाग को चीजे याद रखने में समस्या होने लगती है ,इसमें याददाश्त कमजोर होने के साथ ही फैसला लेने की ख़त्म हो सकती है। कई अध्ययनों क अनुसार डिमेंशिया की शुरुआत से पहले शरीर कुछ चेतावनी भरे संकेत देना शुरू कर देता है , इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है और न ही रोका जा सकता है, पंरतु इन संकेतो को पहचानकर जल्द उपचारशुरू करने से बीमारी को कंट्रोल करने में काफी आसानी हो जाती है।


शोधकर्ताओं के अनुसार, भीड़भाड़ वाले माहौल में क्सिसि की बात पर गौर करने में असमर्थता डिमेंशिया के शुरुआती संकेत हो सकते है , हलाकि यह एक आम समस्या हो सकती है पर शोधकर्ताओं ने इसे डिमेंशिया से जोड़कर देखा है।



कमजोर होती याददाश्त डिमेंशिया के प्रारंभिक लक्षणों में एक है,जिसमे व्यक्ति को अक्सर चीजों को याद रखने में मुश्किल होने लगती है ,जिसके चलते व्यक्ति हर छोटी-मोटी चीजों को याद रखने के लिए दुसरो पर निर्भर हो जाता है, कई बार किसी बात को भूल जाना और काफी देर बाद वो चीज याद आना डिमेंशिया ले लक्षणों में एक हैं। 

डिमेंशिया की स्थिति में चाय बनाने से लेकर कंप्यूटर चलाने जैसे रोजाना के काम करने में मुश्किल होने लगती है ,वर्षों से किये जाने वाले कई कामो को पूरा करने में दिक्कत महसूस होती है और कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।



डिमेंशिया की समस्या होने पर अक्सर बातचीत याअपनी बात कहने के लिए शब्दों का चयन नहीं कर पते, अक्सर यह भी भूल जाते हैं कि किस बारे में बात की जा रही है या सामने वाले व्यक्ति ने क्या कहा है, इस समस्या से पीड़ित इंसान के साथ बातचीत करना मुश्किल हो सकता है।


मूड में होने वाले बार बार बदलाव भी डिमेंशिया के लक्षणों में से एक है , इसके अनुसार एक दम से हंसमुख होते हुए दूसरे ही पल गंभीर हो सकते है ,व्यक्तित्व में आने वाला बदलाव काफी स्पष्ट होता है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Bollywood Remind इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें. इस खबर से सबंधित सवालों के लिए कमेंट करके बताये और ऐसी खबरे पढ़ने के लिए हमें फॉलो करना ना भूलें - धन्यवाद

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